आजकल घर , property या कार , बाईक और मोबाईल
EMI पर लेने के लिये क्रेडीट स्कोर महत्त्वपूर्ण होता है | अगर हमारा क्रेडीट
स्कोर अच्छा है , तो हमे जल्दी लोन मिल जाता है और अगर क्रेडीट स्कोर कम तथा खराब
है , तो हमारा लोन application reject हो सक्ता है | बँक लोन देते समय उस व्यक्ती
कि आर्थिक स्थिती क्रेडीट स्कोर के माध्यम से देखते है | इसलिये हम इस ब्लॉग मे जानेगे
कि क्रेडीट स्कोर क्या होता है , उसकी गणना कैसी होती है और अगर क्रेडीट स्कोर कम
है , तो हम इसे किसी तरह बडा सकते है |
क्रेडीट स्कोर क्या होता है ?
क्रेडीट स्कोर एक ऐसा स्कोर होता है ,जो यह
बताता है , कि हमारा आजतक का फायनाशिअल लेन देन कैसा है | हमने कितने लोन लिये है
, लोन को टाइम से चुका है कि नही , लोन पुरा चुकाया है कि नही इन सब पर हमे स्कोर
दिया जाता है | उसको क्रेडीट स्कोर कहते है |
भारतीय
सरकार ने इसके लिये कुछ एजन्सी यो को लायसन्स दिया है , जो ये सारी
इन्फ़ोर्ममेशन को अच्छी तरह maintain करता है , और उस पर हमे स्कोर देती है | ऐसी
एक एजन्सी का नाम है , CIBIL (Credit Information
Bureau (India) Limited ) | बहुत सारे लोग क्रेडीट स्कोर को CIBIL Score भी बोलते है | बल्की ऐसा नही
है , CIBIL एक कंपनी है , जो क्रेडीट
स्कोर हमे देती है |
क्रेडीट स्कोर रेंज और उनका मतलब
क्रेडीट
स्कोर क्रेडीट रिपोर्ट के आधार पर बनता है | कोई भी व्यक्ती किसी बँक से लोन लेता
है , या क्रेडीट कार्ड लेता है , तो उसका एक अकौंट बन जाता है | उसकी पुरी summery
बन जाती है और जब पुरी summery को रिपोर्ट मे बदल दिया जाता है | तो उसको हम
क्रेडीट रिपोर्ट कहते है | जितनी अच्छी क्रेडीट रिपोर्ट होगी , तीतना क्रेडीट
स्कोर अच्छा होता है |
क्रेडीट
स्कोर तीन अंक का होता है | ३०० – ९०० इस पाँइट दरम्यान यह स्कोर होता है |
- ३०० – ५२५ के बीच का क्रेडीट स्कोर
बिलकुल अच्छा नही होता | इस स्कोर के आधार पर कोई भी बँक से लोन लेने पर मुश्कील आ
सक्ती है |
- ५२५ – ६०० के बीच का क्रेडीट स्कोर
एवरेज होता है | यह स्कोर पर हमे क्रेडीट स्कोर बेहतर करने कि कोशिश करनी चाहिये |
- ६०० – ७०० के बीच का क्रेडीट स्कोर
अच्छा होता है |
- ७०१ – ७५० के बीच का क्रेडीट स्कोर
बहुत अच्छा होता है |
- ७५० – ९०० के बीच का क्रेडीट स्कोर
अधिक अच्छा होता है | इस स्कोर के आधार पर हमे बँक से लोन कि बेहतर ऑफर्स मिलते है
| आसनी से हमे कोई भी बँक लोन दे सक्ती है |
क्रेडीट स्कोर कैसे कैलक्युलेट ( गणना ) होती है ?
क्रेडीट स्कोर ४ महत्वपूर्ण factor पर
आधारित होता है|
1) पेमेंट हिस्ट्री –
आपने अब तक जो भी लोन लिए हैं, चाहे वह कार लोन
हो, होम
लोन हो या कोई और लोन। अगर आपने लोन की कोई किस्त मिस की है या देर से पेमेंट की
है। इससे आपका क्रेडिट स्कोर कम होता है। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना भी एक
तरह से लोन लेने जैसा ही है। समय पर अपने क्रेडिट कार्ड का बिल न चुकाने से भी
आपका क्रेडिट स्कोर कम हो सकता है। इसलिए, किसी भी लोन की किस्त या क्रेडिट कार्ड
की किस्त समय पर चुकाने से अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखने में मदद मिलती है। आपका
क्रेडिट स्कोर कैलकुलेट करते समय पेमेंट हिस्ट्री को 30% प्रायोरिटी दी जाती है।
2) क्रेडिट एक्सपोजर –
क्रेडिट एक्सपोजर या क्रेडिट लिमिट का मतलब है
कि आप क्रेडिट लिमिट के बराबर रकम को लोन के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। क्रेडिट
कार्ड भी आपको एक तरह से लोन देते हैं। जहां आप पहले पैसे का इस्तेमाल करते हैं, फिर उसकी
किस्तें चुकाते हैं। ऐसी कई जगहों से आपको क्रेडिट लिमिट मिलती है। आपका क्रेडिट
स्कोर इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप अपनी क्रेडिट लिमिट का कितना हिस्सा
इस्तेमाल करते हैं। आप जितना कम क्रेडिट इस्तेमाल करेंगे, आपका क्रेडिट
स्कोर उतना ही बेहतर होगा। आपका क्रेडिट स्कोर कैलकुलेट करते समय क्रेडिट एक्सपोजर
या क्रेडिट लिमिट को 25% प्रायोरिटी दी जाती है।
3) क्रेडिट टाइप –
आम तौर पर लोन
दो तरह के होते हैं, सिक्योर्ड लोन और अनसिक्योर्ड लोन। सिक्योर्ड लोन वो लोन होते हैं जो
डॉक्यूमेंट्स को ठीक से चेक करने और अप्रूवल मिलने के बाद लिए जाते हैं। इनमें होम
लोन, कार
लोन, एजुकेशन
लोन शामिल हैं। अनसिक्योर्ड लोन वो लोन होते हैं जो बिना ज़्यादा डॉक्यूमेंट्स चेक
किए और बिना कोई अप्रूवल मिले लिए जाते हैं। इनमें पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड
लोन शामिल हैं। इनमें से अगर आपने सिक्योर्ड लोन से ज़्यादा अनसिक्योर्ड लोन लिए
हैं, तो
आपका क्रेडिट स्कोर भी कम हो जाता है। लेकिन अगर आपके पास अनसिक्योर्ड लोन से
ज़्यादा या बराबर सिक्योर्ड लोन है, तो इससे आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा होने में मदद
मिलती है। इसलिए,
कोई भी लोन लेते समय आपको यह ज़रूर सोचना चाहिए कि आप किस तरह का लोन
ले रहे हैं। आपके क्रेडिट स्कोर को कैलकुलेट करते समय क्रेडिट टाइप को 25%
प्रायोरिटी दी जाती है।
4)
बैंकों में बिना वजह लोन के लिए कई पूछताछ –
कई लोगों को लोन लेने से पहले यह जानने
की आदत होती है कि उन्हें लोन मिल रहा है या नहीं। इसलिए, वे अपने डॉक्यूमेंट्स
अलग-अलग बैंकों को देते हैं और यह सारी जानकारी लेते हैं। आपको कितना लोन मिल सकता
है? इस
पर आपको कितना इंटरेस्ट रेट मिल सकता है? आपको कितने साल का लोन मिल सकता है? यह सारी जानकारी
बैंकों से मिलती है और इस वजह से क्रेडिट स्कोर भी कम हो जाता है। जब असली लोन
लेने की बात आती है, तो आपका क्रेडिट स्कोर कम होने की वजह से आपको लोन नहीं मिलता या
मिलने में दिक्कत होती है। ज़रूरी होने पर ही बैंक में लोन के बारे में पूछना आपके
क्रेडिट स्कोर को बढ़ाने के लिए फायदेमंद होता है। क्रेडिट स्कोर कैलकुलेट करते
समय, लोन
के लिए की गई पूछताछ को 20% प्रायोरिटी दी जाती है।
क्रेडीट स्कोर कैसे बढाये ?
- क्रेडीट कार्ड के due टाइम पर भरना
जरुरी है |
- लोन का EMI कभी भी चुकाना नही चाहिये |
- हमेशा ज़्यादा से ज़्यादा अमाउंट का
लोन लें या अपनी क्रेडिट लिमिट को जितना हो सके उतना ज़्यादा रखें। क्रेडिट लिमिट
के 30% से ज़्यादा खर्च न करें। यानी अगर आपकी क्रेडिट लिमिट 1 लाख रुपये है,
तो
आपको 30 हज़ार रुपये या उससे ज़्यादा खर्च या इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
- आपको अपनी लोन एलिजिबिलिटी चेक करनी चाहिए और ऐसे बैंक में अप्लाई करना चाहिए
जहाँ लोन अप्रूव होने के चांस ज़्यादा हों। क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते समय
थोड़ा सा भी गैप न छोड़ें। यानी आज एक बैंक के क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करें, और कल दूसरे बैंक के क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई
करें। ऐसा न करें।
- अपनी क्रेडिट रिपोर्ट रेगुलर चेक करना
ज़रूरी है। अगर क्रेडिट रिपोर्ट में कोई गलती है, तो उस गलती को
संबंधित सिस्टम के ध्यान में लाना ज़रूरी है। इसके लिए ज़्यादा समय न दें।अलग-अलग समय के लोन लेना पसंद करें।
अगर आप पहला लोन नहीं चुका पा रहे हैं, तो नया लोन न लें।
- पुराने क्रेडिट कार्ड बंद
न करें। पुराने क्रेडिट कार्ड आपकी फाइनेंशियल हिस्ट्री को मज़बूत करते हैं।
क्रेडीट स्कोर कैसे चेक करे ?
भारत मे फ्री मे क्रेडीट स्कोर चेक कर
सकते हो |
- CIBIL के website पर
- Google Pay Application पर
निष्कर्ष -
क्रेडीट स्कोर हमारे लोन के
संबधीत आर्थिक व्यवहारो को दर्शाता है | अगर हम टाइम पर लोन के EMI और क्रेडीट
कार्ड के due भरते है , तो हमारा क्रेडीट स्कोर अच्छी तरह से बढता है | आज से हम
क्रेडीट स्कोर सुधारने के लिये आर्थिक व्यवहार अच्छे रहेंगे |
Frequently Asked Questions (FAQ)
Q1. क्रेडीट स्कोर क्या होता है ?
क्रेडीट स्कोर एक ऐसा स्कोर होता है ,जो यह बताता है , कि हमारा आजतक का फायनाशिअल लेन देन कैसा है |
Q2. क्रेडीट स्कोर कितने अंक का होता है ?
क्रेडीट स्कोर तीन अंक का होता है |
Q3. कितना क्रेडीट स्कोर अधिक अच्छा माना जाता है ?
७५० – ९०० के बीच का क्रेडीट स्कोर अधिक अच्छा होता है |
Q4. क्रेडीट स्कोर कैसे कैलक्युलेट ( गणना ) होती है ?
क्रेडीट स्कोर ४ महत्वपूर्ण factor पर आधारित होता है| पेमेंट हिस्टरी , क्रेडीट एक्सपोजर , क्रेडीट टाईप , बैंकों में बिना वजह लोन के लिए कई पूछताछ
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