हेल्थ इंश्युरन्स (Health Insurance) क्या है?
हेल्थ इंश्युरन्स का मतलब है , कि अगर हमे
कोई बिमारी हो जाती है , हमारा Accident हो जाता है उसमे हम हॉस्पिटललायझेशन होते
है | इस समय के हॉस्पिटल के बिल विमा
कंपनी देती है | विमा कंपनी हॉस्पिटल के बिल पॉलिसी होल्डर जितना प्रीमियम देता है
, उसी हिसाब से देती है | आज
के समय में मेडिकल खर्च बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए हेल्थ इंश्युरन्स (Health Insurance) लगभग
हर व्यक्ति के लिए जरूरी है।
उदाहरण:
अगर आपके पास ₹10
लाख का Health Insurance है और आपका अस्पताल बिल ₹5 लाख आता है, तो इंश्योरेंस कंपनी पॉलिसी शर्तों के
अनुसार वह खर्च देगी । अस्पताल मे भरती
होने के पहिले जो खर्चा ( डायगनोस्टिक रिपोर्ट , अॅम्बुलन्स का खर्चा ) और भरती
होने के बाद सब प्रकार का वैद्यकीय खर्चा इंश्योरेंस कंपनी पॉलिसी शर्तों के अनुसार करती
है |
टर्म इंश्युरन्स (Term Insurance) क्या है?
उदाहरण:
अगर आपने ₹1 करोड़ का Term Plan लिया और पॉलिसी के दौरान आपकी मृत्यु हो जाती है, तो आपके परिवार को ₹1 करोड़ मिलेंगे। लेकीन पॉलिसी कि म्यॅच्युरीटी खतम होने के बाद पॉलिसी होल्डर जिंदा है , तो उसे पॉलिसी का भरा हुआ प्रीमियम वापस नही मिलता |
Term Insurance vs Health Insurance — मुख्य अंतर
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हेल्थ इंश्युरन्स (Health Insurance
) |
टर्म इंश्युरन्स (Term Insurance)
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उद्देश |
अचानक आनेवाली
मेडिकल या अस्पताल का खर्चे से सुरक्षित रखना हेल्थ इंश्युरन्स का उद्देश होता
है | |
आपकी कि मृत्यू के
बाद परिवार को आर्थिक सुरक्षा देना टर्म इंश्युरन्स का उद्देश होता है | |
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मुआवजा संरचना |
अस्पताल के खर्चो के
आधार पर इंश्योरेंस कंपनी पॉलिसी शर्तों के अनुसार खर्च देती
है | |
टर्म इंश्युरन्स मे मृत्यु के
बाद परिवार को पॉलिसी खोलते समय तय कि गई
पॉलिसी राशी
मिलती है | |
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प्रीमियम |
हेल्थ इंश्युरन्स के
प्रीमियम टर्म इंश्युरन्स ज्यादा होते है | आयु बडने से और अस्पताल के खर्चो मे
महगाई होने से प्रीमियम भी बडते है | |
टर्म इंश्युरन्स के प्रीमियम
हेल्थ इंश्युरन्स से कम होते है | युवा अवस्था मे लेने से काफी कम प्रीमियम लगता
है | |
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टैक्स बेनिफिट |
हेल्थ इंश्युरन्स मे आयकर अधिनियम कि
धारा 80D के तहत प्रीमियम पर टैक्स डीडक्शन मिलते है | डीडक्शन आयु पर निर्धारित होते है | |
टर्म इंश्युरन्स मे
आयकर अधिनियम कि धारा 80C के तहत प्रीमियम पर टैक्स डीडक्शन मिलते है | धारा 10D के तहत मृत्यू के केस मे बेनिफिट
मिलता है और रायडर पर धारा 80D के तहत भी
मिलता है | |
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कवरेज अवधि |
हेल्थ इंश्युरन्स हर
साल रिन्यू होता है | इसमे हर साल रिन्यू करने से आपको लाइफ टाइम कवरेज मिल सकता
है | |
टर्म इंश्युरन्स
फिक्स समय के लिये होती है | १०/२०/३० साल या लिमिटेड आयु के लिये होती है
| |
सही
हेल्थ इंश्युरन्स (Health Insurance ) कैसे चुनें?
· हेल्थ
इंश्युरन्स लेते समय यह
देखना जरुरी है , कि अस्पताल मे भर्ती होने से पहले होने वाले टेस्ट , एम्बुलेस का
खर्च , भर्ती होने के बाद सभी तरह के मेडिकल खर्चे जैसे सभी खर्चे इंश्युरन्स पॉलिसी मे
शामिल है , या नही |
· कई
इंश्युरन्स कंपनियां कस्टमर को पेशंट के डिस्चार्ज होने के बाद एक तय समय
(आमतौर पर ज़्यादा से ज़्यादा 2 महीने) तक अस्पताल में भर्ती होने के बाद के
मेडिकल खर्च की सुविधा भी देती हैं। इसलिए, क्या ये खर्च आपकी पॉलिसी में शामिल हैं? अगर हां, तो इसका स्वरूप क्या है? क्या इससे जुड़े नियम बदले हैं? अगर हां, तो
क्या बदलाव किए गए हैं? इन
सभी चीज़ों को चेक कर लेना चाहिए।
· मार्केट
में दूसरी इंश्योरेंस कंपनियों के प्लान चेक करें। ऐसी इंश्योरेंस कंपनी की पॉलिसी
लेने पर विचार करें जो सही प्रीमियम पर ज़्यादा कवरेज देती हो और 'नो क्लेम बोनस' बनाए रखती हो।
· इंश्योर्ड
व्यक्ति द्वारा किए गए क्लेम का क्लेम सेटलमेंट रेशो और उसमें लगने वाले समय का
ध्यान रखना चाहिए।
· कम से कम १० लाख तक कवर रखना जरुरी है , ताकी बडी मेडिकल खर्चे क्लेम कर
सके |
· जिस शहर मे आप होते है , उस शहर मे ज्यादा कॅशलेस अस्पताल होने चाहिये |
· ज़्यादातर
इंश्योरेंस कंपनियां आमतौर पर चार साल बाद कुछ पहले से मौजूद बीमारियों को कवर
करती हैं। इसलिए, संबंधित
इंश्योरेंस कंपनी से यह पक्का कर लेना चाहिए कि पहले से मौजूद बीमारियां कवर हैं।
· अगर
डायबेटीस , बीपी जैसे बिमारी है , तो वेटिंग पेरीड कम वाले प्लॅन को चुने |
· ज्यादातर
इंश्योरेंस कंपनी पॉलिसी राशी
के १ % रूम का रेंट देती है
| रूम का रेंट लिमिटेड ना हो , ताकी हमारी क्लेम राशी कम ना हो |
सही
टर्म इंश्युरन्स (Term Insurance ) कैसे चुनें?
· जिस इंश्युरन्स कंपनी
का आप टर्म इंश्युरन्स ले रहे
है , उसकी बिमा राशी आपके वार्षिक इनकम से १५ से २० गुना होना जरुरी है , ताकी
आपके परिवार के भविष्य के खर्चे और कर्ज ( Loan) को कवर कर सके |
· टर्म इंश्युरन्स के पॉलिसी कि
अवधि आपके उम्र के ६० – ६५ साल तक होनी चाहिये |
· टर्म इंश्युरन्स लेते समय उस इंश्युरन्स कंपनी का चुनना चाहिये ,
जिसका क्लेम सेटलमेंट रेशो
९५ % और उससे ज्यादा हो , क्योकी इससे क्लेम मिलने कि संभावना बेहतर होती है |
· गंभीर
बिमारी और एक्सिडेंट मृत्यू का कवर जैसे अतिरिक्त रायडर्स होना जरुरी है |
· इंश्युरन्स कंपनीयो के प्रीमियम कि तुलना करने के बाद हि टर्म इंश्युरन्स खरीदे |
निष्कर्ष –
Frequently Asked Questions (FAQ)
Q1. Health Insurance कब मिलता है?
अस्पताल मे भर्ती होने से पहले और बाद के होने वाले मेडिकल खर्चे हमे हेंल्थ इंश्युरन्स मे मिलते है |
Q2. Term Insurance में पैसा कब मिलता है ?
पॉलिसी होल्डर के मृत्यू के बाद बिमा कंपनी पॉलिसी होल्डर के नॉमिनी को तय राशी देती है |
Q3. हेल्थ इंश्युरन्स (Health Insurance ) क्यो निकालना चाहिये ?
हेल्थ इंश्युरन्स मेडिकल या अस्पताल का खर्चे से सुरक्षित रखता है
Q4. टर्म इंश्युरन्स (Term Insurance) क्यो जरुरी है ?
टर्म इंश्युरन्स आपकी कि मृत्यू के बाद परिवार को आर्थिक सुरक्षा देता है |


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