SIP क्या होता है ?
SIP के मुख्य फायदे
- कम निवेश जादा फायदा -
- शेअर मार्केट को देखने या टाईम देने कि जरुरत नही -
शेअर मार्केट मे उतार चढाव आते है , लेकीन SIP औसत कि कीमत पर खरीदारी कर देता है | - जादा समय के लिये जादा मुनाफा –
अगर हम म्युचुअल फंड मे १५-२० साल लगातार SIP करे , तो हमे बहुत बडा मुनाफा हो सकता है | हम अपने सपने साध्य कर सकते है | - अनुशासन ( Disipline ) -
म्युचुअल फंड मे हर महिने मे SIP करने से हमे निवेश और बचत करने का Dicipline होती है | इससे हमे हर महिने निवेश करने कि आदत बन जाती है |- कंपाउंड इंटरेस्ट का फ़ायदा (Power of compounding growth) -
अगर हम हर महीने / सालाना निवेश करते हैं, तो आपका पैसा बहुत ज़्यादा बढ़ता है। उदाहरण के लिए, महिने कि SIP = Rs. 1500 हर महीने, अगर हम 5 साल के लिए निवेश करते हैं, तो आपको 15% कंपाउंड इंटरेस्ट रेट पर Rs.1,34,500/- मिलेंगे। हम जितनी जल्दी SIP शुरू करेंगे, आपको उतना ही ज़्यादा फ़ायदा होगा। मान लीजिए राम ने 30 साल की उम्र से हर साल Rs. 10,000 निवेश किए और शाम ने 35 साल की उम्र से हर साल Rs. 10,000 इन्वेस्ट किए। 60 साल की उम्र में, 8% की दर से, अशोक के पास Rs. 12,23,000 और शाम के पास Rs. 7,89,000 होंगे।- रुपी कॉस्ट एवरेजिंग (Rupees Cost Averaging ) -
मार्केट में आज की बढ़त कल की गिरावट से कम होगी। गिरावट में खरीदें और बढ़त में बेचें। यह फ़ॉर्मूला असल में लागू करना मुश्किल लगता है। कोई भी एक्सपर्ट मार्केट का सही बॉटम और टॉप नहीं बता सकता। इकोनॉमिक बदलावों की वजह से मार्केट में उतार-चढ़ाव होता है। इंडेक्स में कई उतार-चढ़ाव आते हैं। हर महीने की एक तय तारीख को लगातार एक ही रकम निवेश करने से, कम और ज़्यादा रेट पर इन्वेस्टमेंट होता है। अगर इन इन्वेस्टमेंट को राउंड अप किया जाए, तो खरीद कीमत न तो कम होती है और न ही ज़्यादा, बल्कि एक मॉडरेट लेवल पर होती है। रुपी कॉस्ट एवरेजिंग मिलती है। - सुविधा : -
एक तय तारीख को, बैंक खाते से पैसे अपने आप फंड में जमा हो जाते हैं। SIP में पैसे डालने पर कोई टैक्स या चार्ज नहीं लगता। कैपिटल गेन टैक्स इन्वेस्टमेंट पीरियड पर निर्भर करता है। SIP कैसे शुरू है ?
- SIP करने के लिये हमे बँक अकौंट और खुद का pan कार्ड होना जरुरी है |
- SIP करने के लिये एक डीमॅट + ट्रेडिंग खाते कि जरुरत होती है | हमे डीमॅट + ट्रेडिंग खाता Grow , upstox , Angelone जैसे platform और कई बडे ब्रोकर के पास खुलवाना होता है |
- डीमॅट + ट्रेडिंग खाता खुलवाने के बाद केवायसी करनी चाहिये |
- हमने चुना हुआ platform या वेबसाईट मे जाकर सही म्युचुअल फंड चुनवाना जरुरी है |
- सही म्युचुअल फंड चुनवाने के बाद उसमे दो पर्याय रहते है | एक Lumsum और दुसरा SIP होता है |
- हमे SIP पर्याय लेके उसमे हर महिने कि तारीख और राशी उच्चीत चुननी चाहिये | उसके बाद बँक से तय राशी को अॅटो डीडक्ट करनी चाहिये | बँक से अॅटो डीडक्ट कि राशी से म्युचुअल फंड के युनिट खरिद्ने मे लगते है | समय के साथ हमारा पैसा बढता जाता है और हम अपने सपने पुरे कर सकते है |
SIP का उदाहरण
|
महिना
|
निवेश
राशी |
चालू
कींमत |
आवंटीत
युनिट |
कुल
युनिट |
|
१ |
१०००
रुपये |
५० |
२० |
२० |
|
२ |
१०००
रुपये |
४० |
२५ |
४५ |
|
३ |
१०००
रुपये |
४५ |
२२.२२ |
६७.२२ |
|
४ |
१०००
रुपये |
५५ |
१८.१८ |
८५.४ |
जैसा कि उपर बताया गया है , हर महिने आवंटीत युनिट कि संख्या अलग – अलग है | क्योंकी बाजार कि अस्थिरता के प्रभाव का NAV मे चढ – उतार मे प्रभाव को कम करता है | आवंटीत युनिट कि संख्या NAV पर आधारित होती है | ऐसे हि हम हर महिने उच्चीत राशी पाच साल के उपर नियमित करने से और निवेश राशी हर साल १० % - १५ % बढा देने से हम आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते है |
निष्कर्ष -
SIP का मतलब है , नियोजित निवेश मार्ग (Systemetic
Investment plan) | एक निश्चित राशी सही समय Dicipline के साथ म्युचुअल फंड मे कि
गई निवेश का मतलब SIP होता है | हर म्यूचुअल फंड, ई-गोल्ड,
ई-सिल्वर,
गोल्ड
के लिए SIP का इस्तेमाल होता है। SIP से हमे कंपाउंड इंटरेस्ट का फ़ायदा होता है |
SIP का
इस्तेमाल लंबे समय के लक्ष्यों को पाने के लिए किया जाता है। जैसे, आपका
ध्येय चाहे जो भी हो, चाहे घर खरीदना हो, कार खरीदना हो,
दुनिया
घूमना हो, अपने बच्चों की पढ़ाई, शादी, रिटायरमेंट वगैरह
का इंतज़ाम करना हो, जवाब SIP है |
Frequently Asked Questions (FAQ)
Q1. SIP क्या है ?
एक निश्चित राशी सही समय Dicipline के साथ म्युचुअल फंड मे कि गई निवेश का मतलब SIP होता है |
Q2. SIP का full form क्या है ?
नियोजित निवेश मार्ग (Systemetic Investment plan)
Q3. SIP कितने समय के लिये करनी चाहिये ?
कम से कम ५ – १० साल या उससे ज्यादा साल के लिये करनी चाहिये |
Q4. SIP कितने रुपये से शुरू कर सकते है ?
Q5. SIP हमे FD से ज्यादा रीटर्न दे सकती है क्या ?
हा , बिलकुल | लेकीन रीटर्न चुने हुये म्युचुअल फंड के performance पर आधारित है |


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